बिना हेलमेट बाइक पर चोपन में निकली तिरंगा यात्रा में यातायात नियमों की उड़ीं धज्जियां

मुकेश कुमार
चोपन। आगामी स्वतंत्रता दिवस को लेकर स्थानीय बाजार में बड़े उत्साह के साथ बाइक तिरंगा यात्रा निकाली गई। इस तिरंगा यात्रा में सैकड़ों की संख्या में युवाओ और कस्बे के निवासियों ने हाथों में राष्ट्रीय ध्वज लेकर चलती बाइक पर सवार होकर देशभक्ति के नारे लगाए। देशभक्ति के इस माहौल के बीच एक तरफ जहाँ तिरंगे की शान देखने लायक थी, वहीं दूसरी ओर यातायात नियमों की सरेआम अनदेखी ने कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए। यात्रा के दौरान बाइक सवार अधिकांश लोगों के सिर पर हेलमेट नदारद था। लापरवाही का आलम यह रहा कि सुरक्षा व्यवस्था में तैनात और यात्रा में शामिल पुलिसकर्मी भी बिना हेलमेट के ही दोपहिया वाहनों पर दौड़ते नजर आए। वर्दी में मौजूद जिम्मेदार अधिकारियों और जवानों द्वारा ही नियमों का उल्लंघन करना क्षेत्र में चर्चा और जन-आक्रोश का विषय बना हुआ है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि आम जनता द्वारा बिना हेलमेट गाड़ी चलाने पर पुलिस तत्काल चालान काट देती है, लेकिन स्वयं के आयोजन या रैलियों में सुरक्षा मानकों को पूरी तरह से दरकिनार कर दिया जाता है। इस प्रकार की अनदेखी न केवल नियमों की धज्जियां उड़ाती है, बल्कि सड़क हादसों के खतरे को भी बढ़ाती है।इस तिरंगा यात्रा के देख लोगो मे इस बात की चर्चा रही कि स्वतंत्रता दिवस जैसे महत्वपूर्ण राष्ट्रीय पर्व पर यातायात सुरक्षा को लेकर नियमों में दोहरा रवैया अपनाया जा रहा है।आम नागरिकों के लिए नियमो के उल्लंघन पर चालान की सख्त व्यवस्था जबकि रैली के नाम पर सुरक्षा मानकों से समझौता किया जा रहा है। इस रैली से यातायात सुरक्षा पर सवाल खड़े होते है जब सैकड़ों की भीड़ में बिना हेलमेट बाइक चलाना किसी बड़े हादसे को न्योता दे सकता था। इस रैली के आयोजन की प्रशासनिक जवाबदेही किसकी होगी जब कानून व्यवस्था बनाए रखने वाली पुलिस स्वयं बिना हेलमेट नजर आ रही है।
देशभक्ति का संदेश देने के साथ-साथ सड़क सुरक्षा और जिम्मेदार नागरिक होने का कर्तव्य निभाना भी उतना ही आवश्यक है। अब देखना यह है कि सोशल मीडिया पर वायरल हो रही इन तस्वीरों और खबरों पर प्रशासनिक अधिकारी क्या संज्ञान लेते हैं और क्या दोषियों के खिलाफ कोई कार्रवाई की जाती है।

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